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Dec 06 2024, 15:05

बुजुर्ग पिता के फांसी लगाने के बाद उसके दो पुत्रों ने भी दी जान, महिला सिपाही पर प्रताड़ित करने का लगाया आरोप 

लखनऊ। यूपी के लखीमपुर खीरी के मैलानी थाना क्षेत्र के बाबूपुर गांव में बुजुर्ग ग्रामीण ने बुधवार रात फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद उसके दो पुत्रों ने भी जान दे दी। शुक्रवार सुबह छोटे पुत्र का शव रेल पटरी पर मिला। बड़ा पुत्र घर में फंदे से लटका मिला। एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें एक महिला सिपाही और उसके परिवार पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। एक दिन पहले बुजुर्ग की आत्महत्या के बाद पुलिस ने महिला सिपाही समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया था।  

मकान खाली कराने को लेकर चल रहा था विवाद 

जानकारी के मुताबिक, बांकेगंज पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्रंट नंबर 11 पंचायत के गांव बाबूपुर निवासी राम नरेश (60) ने बुधवार रात फंदा लगाकर जान दे दी। राम नरेश के पुत्र सुधीर कुमार ने गांव निवासी रामादेवी और उसकी महिला सिपाही पुत्री समेत चार लोगों पर मकान खाली करने के लिए दबाव बनाने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। इस मामले में थाना मैलानी में रामादेवी, उसकी सिपाही पुत्री आरती निगम, शिवम और शशिबाला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। 

छोटे भाई की मौत की खबर मिलते ही बड़ा भाई फांसी पर झूला 

शुक्रवार को रामनरेश के पुत्र सुधीर और मुकेश ने भी आत्महत्या कर ली। सुधीर का शव गांव के समीप रेल पटरी के किनारे पड़ा मिला। मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसकी खबर मिलते ही सुधीर के बड़े भाई ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दो दिन में पिता-पुत्रों की मौत से पुलिस महकमे में खलबली मच गई। एएसपी नैपाल सिंह ने बताया कि मकान को लेकर विवाद था। इस मामले में समझौते के बाद राम नरेश ने आत्महत्या कर ली थी। चारों आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। 

मरने से पहले सुधीर ने लिखा सुसाइड नोट 

सुधीर का शव शुक्रवार को रेल पटरी पर मिला। मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें लिखा है कि रमेश भैया मुकेश का ख्याल रखना है। हम जा रहे हैं। आरती, शिवम और रामदेवी पर कठोर कार्रवाई कराना। रामदेवी ने हमारा घर बर्बाद कर दिया। पापा को मार दिया। रामदेवी से 50 हजार रुपये ले लेना। जमीन विवाद में मेरे पिता की मृत्यु हो गई। रामदेवी और आरती के कहने पर हम आत्महत्या करने जा रहे हैं। आरती ने मेरा सबकुछ बर्बाद कर दिया। 

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Dec 06 2024, 10:08

बहराइच: मकान में अज्ञात कारणों से लगी आग, दो मवेशियों की जलकर मौत

महेश चंद्र गुप्ता 

बहराइच जिले के ग्राम पंचायत मटेरा कला में गुरुवार रात को अज्ञात कारणों से एक ग्रामीण के फूस के मकान में आग लग गई। आग की लपटों में दो मवेशियों की जलकर मौत हो गई। जबकि एक मवेशी झुलसकर घायल हुआ है। इसके अलावा एक लकड़ी की गुमटी भी जल गई है। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

खैरीघाट थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत मटेरा कला निवासी देवता पुत्र विश्वास गुरुवार रात खाना खाने के बाद सोने की तैयारी कर रहे थे। तभी रात नौ बजे अज्ञात कारणों से उनके फूस के मकान में आग लग गई। आग लगने से उसमें रखी परचून की गुमटी जल गई। वहीं दो मवेशियों की झुलसने से मौत हो गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। जिसका इलाज जारी है।  

सूचना पाकर क्षेत्रीय लेखपाल लालू प्रसाद मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। उन्होंने बताया कि फूस के मकान के साथ गुमटी और दो मवेशियों की जलकर मौत हुई है। हजारों का नुकसान हुआ है। जल्द ही पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी। 

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Dec 06 2024, 10:07

चित्रकूट में भीषण सड़क हादसा: एक  परिवार के छह लोगों की मौत, पांच लोग गंभीर रूप से घायल, सभी रहने वाले मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला के निवासी 

चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जनपद में झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रैपुरा में आज सुबह पांच बजे बोलेरो और बस की टक्कर हो गई। प्रयागराज से लौट रहे एक ही परिवार के बोलेरो सवारों में से छह लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल भेजा। मृतक और घायल सभी मध्य प्रदेश के छतरपुर निवासी बताए गए हैं। 

मिली जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र में सुबह लगभग साढ़े पांच बजे तेज रफ्तार ट्रक और बोलेरो की टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए। मौके पर ही छह लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच गंभीर रूप से घायल हो गए।हादसे में नन्हे (65), हरिराम (45), मोहन (45), रामू (45), मांगना (65) और रामस्वरूप यादव की  मौत हो गई। वहीं, छतरपुर निवासी जमुना (42) पुत्र कामता, फुला (40) पत्नी जमुना, राज अहिरवार (18) पुत्र जमुना, आकाश (15) पुत्र जमुना और  एक अज्ञात घायल हो गए।

डीएम व एसपी मौके पर पहुंचे, घायलों को भेजा प्रयागराज 

घायलों को प्रयागराज रेफर किया गया है। हादसे की सूचना पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा और पुलिस अधीक्षक अरुण सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे। इसके बाद घायलों से मिलने जिला अस्पताल भी गए। एसपी अरुण सिंह ने बताया कि ट्रक और बोलेरा की टक्कर में छह की मौत हो गई है। पांच घायल जिला अस्पताल में भर्ती हैं, जिन्हें प्रयागराज रेफर किया गया है।एसपी ने बताया कि बोलेरो में कुल 11 लोग सवार थे। सभी मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से प्रयागराज आये थे। वहां से दर्शन करने के बाद लौट रहे थे। शुरुआती जांच से लग रहा है कि चालक को झपकी आने से यह हादसा हुआ है। 

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Dec 05 2024, 10:35

संभल हिंसा से जुड़े उपद्रवियों के साथ पूरी कठोरता के साथ निपटें: सीएम योगी 

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जिलों में राजस्व वादों के निस्तारण और कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। विशेष समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सम्पूर्ण समाधान दिवस और थाना दिवस में आने वाले मामलों के शिकायतकर्ताओं से मिले फीडबैक तथा आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पर जनता से मिले फीडबैक के आधार पर रिपोर्ट जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने असंतोषजनक प्रदर्शन करने वाले शासन के सभी विभागों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, तहसीलों, रेंज, थानों से स्पष्टीकरण लिए जाने के निर्देश दिए।

अराजकता फैलाने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर हो, अलीगढ़ हो या संभल अथवा कोई अन्य जनपद, अराजकता फैलाने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती। संभल में विगत दिनों हुई घटना से जुड़े उपद्रवियों के साथ पूरी कठोरता के साथ निपटें। जिन लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को क्षतिग्रस्त किया है, उसे वापस ठीक कराने का खर्च उन्हीं उपद्रवियों से वसूल किये जाए। अराजकता फैलाने वालों को चिन्हित कर उनके पोस्टर लगाएं, जनता का सहयोग लें, सघन सर्च ऑपरेशन चलाएं। एक भी उपद्रवी बचना नहीं चाहिए।सार्वजनिक स्थलों पर हुए अतिक्रमण के मामले संवेदनशील हैं। सभी को यह समझना चाहिए कि सड़क सभी के लिए है, आवागमन के लिए है, यहां बिल्डिंग मैटेरियल का सामान रखने, निजी वाहन पार्किंग बनाने, दुकान बनाने अथवा किसी के अनधिकृत कब्जे के लिए नहीं। यह स्वीकार नहीं किया जा सकता।

 कहीं भी किसी गरीब के साथ अन्याय नहीं होनी चाहिए

पैमाइश, लैंडयूज, अकृषक भूमि घोषित किये जाने से जुड़े लंबित मामलों की जिलावार रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व वादों के निस्तारण के लिए मिशन मोड में कार्यवाही की जाए। कहीं भी किसी गरीब के साथ अन्याय नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े विभागों के अधिकारी तय समय पर जनता से जरूर मिलें। प्रत्येक विभाग में जनसुनवाई को प्राथमिकता दी जाए। बैठक में सभी मंडलायुक्त, पुलिस जोन एडीजी, जिलाधिकारी गण, पुलिज़ रेंज आईजी, पुलिस कप्तान आदि फील्ड में तैनात अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता की।

कहीं भी आवागमन बाधित कर अनधिकृत कब्जा न किया जाए

लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप सार्वजनिक स्थलों पर हुए अतिक्रमण के मामलों में संवाद और समन्वय की नीति अपनाई जाए। सभी जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान ग्राम्य विकास/नगर विकास विभाग के साथ मिलकर स्थानीय निकायों के माध्यम से यह सुनिश्चित कराएं कि प्रदेश में कहीं भी आवागमन बाधित कर अनधिकृत कब्जा न किया जाए। जहां हो, वहां तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित कराएं। सीएम योगी ने कहा कि 06 दिसंबर को भारतरत्न बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर जी का महापरिनिर्वाण दिवस है। अनेक संगठनों द्वारा बाबा साहेब के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए जुलूस/सभा आदि आयोजित की जाएगी। कतिपय अराजक तत्व माहौल को खराब करने का कुत्सित प्रयास कर सकते हैं। तिथि की संवेदनशीलता के दृष्टिगत सभी जिलों में हर सम्भव आवश्यक प्रबंध होना चाहिए। सेक्टर प्रणाली लागू करें। यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी कोई अप्रिय घटना न हो।

क्रिसमस औश्र नववर्ष पर कहीं न होने पाए हुड़दंग 

25 दिसंबर को भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल की जन्मशताब्दी के अवसर पर 'सुशासन दिवस' के भाव के साथ अनेक आयोजन होने प्रस्तावित हैं। इसी दिन क्रिसमस का भी पर्व है। इसके बाद 31 दिसंबर-01 जनवरी को आंग्ल नववर्ष भी प्रारंभ हो रहा है। यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी हुड़दंग न हो। उल्लास मनाएं, किंतु यह सुनिश्चित कराएं कि कोई भी कानून व्यवस्था को हाथ में न ले। सबकी आस्था-सबकी भावना का सम्मान होना चाहिए, साथ ही शांति और सौहार्द का माहौल भी बना रहे।

तय मानक से अधिक आवाज में कहीं भी लाउडस्पीकर न बजें 

धर्मस्थलों पर अथवा गीत-संगीत के कार्यक्रमों में तय मानक से अधिक आवाज तथा निर्धारित समय के बाद में लाउडस्पीकर/डीजे कतई न बजें। कानफोड़ू स्वर वृद्धजनों, रोगियों और स्कूल-कॉलेज के बच्चों के लिए बड़ी समस्या है। पूर्व में इस संबंध में प्रभावी कार्यवाही हुई थी, एक बार फिर इसका निरीक्षण करें। जहां स्थिति ठीक न हो, तत्काल लाउडस्पीकर उतारे जाएं।उन्होंने कहा कि आईजीआरएस में मिलने वाले आवेदन हों या सीएम हेल्पलाइन अथवा थाना/तहसील/विकास खंड में पहुंचने वाले शिकायतकर्ता, सबकी सुनवाई की जाए। पीड़ित/परेशान व्यक्ति की मनोदशा को समझें, उसकी भावना का सम्मान करें और पूरी संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए। शिकायतकर्ता की संतुष्टि और उसका फीडबैक ही अधिकारियों के प्रदर्शन का मानक होगा। जनशिकायतों/समस्याओं से जुड़े आवेदन का संतोषप्रद निस्तारण किया जाना है।

भ्रामक रिपोर्ट लगाने वाले कार्मिकों के खिलाफ हो कार्रवाई 

नामातंरण, पैमाइश, लैंड यूज चेंज, वरासत आदि आम आदमी से जुड़े मामले किसी भी दशा में लंबित नहीं रहने चाहिए। तय समय सीमा के भीतर निस्तारण होना ही चाहिए। हर जिलाधिकारी तहसीलों की और मंडलायुक्त अपने क्षेत्र के जिलों की नियमित समीक्षा करें। कहाँ, किस विभाग में आम आदमी के कितने आवेदन लंबित हैं, क्यों लंबित हैं, इसकी समीक्षा करें और जवाबदेही तय करें। मिथ्या/भ्रामक रिपोर्ट लगाने वाले कार्मिकों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए।उन्होंने अगले वर्ष 13 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज महाकुम्भ का पावन अवसर है। देश-दुनिया में महाकुम्भ को लेकर उत्साह है। आस्था और श्रद्धा से जुड़ा यह पर्व शांति के साथ संपन्न हो, इसके लिए सभी को सहयोग करना होगा। प्रयागराज के सीमावर्ती जनपदों की भी बड़ी भूमिका होगी।

महाकुम्भ को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त रखने की तैयारी 

इस बार के महाकुम्भ को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त रखने की तैयारी है। इसके लिए जिला, तहसील, थाना स्तर पर लोगों को सभी आवश्यक जानकारियां दी जानी चाहिए। प्रयाग आने वाले श्रद्धालुओं को अवगत कराएं कि ट्रैक्टर ट्रॉली से प्रयाग न जाएं। सुरक्षा का ध्यान रखें। ठंड से बचाव के लिए भी सभी को जागरूक करें। कोई प्लास्टिक का उपयोग न करे। सभी जिलों में इसे लेकर आवश्यक तैयारी कर ली जानी चाहिए।
इस बार 40-45 करोड़ श्रद्धालुओं/पर्यटकों के प्रयागराज आगमन की संभावना है। इनमें से बड़ी संख्या में लोग अयोध्या, विंध्यधाम, काशी और मथुरा का भी भ्रमण करेंगे। इस संभावना को दृष्टिगत रखते हुए संबंधित जिलों में आवश्यक तैयारियां समय से कर ली जानी चाहिए

ठंड को देखते हुए रैन बसेरों को ठीक कर लिया जाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि ठंड का मौसम प्रारंभ हो गया है। सभी जिलों को कम्बल वितरण के लिए धनराशि भेजी जा चुकी है। सभी जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करेंगे कि कम्बल/रैन बसेरों का सदुपयोग हो। प्रदेश में कहीं भी कोई भूखा न सोए-सड़क किनारे न सोए। पुलिस पेट्रोलिंग के दौरान यदि कहीं कोई सड़क किनारे सोता हुआ मिले तो उसे रैन बसेरे तक पहुंचाएं। रैन बसेरे में निवास करने वालों को सत्यापन भी किया जाना चाहिए।

परियोजनाओं की मानीटरिंग के लिए नामित हो अधिकारी 

पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को समझते हुए पराली प्रबंधन के लिए सभी जिलों को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। 05 करोड़ से अधिक लागत वाली सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनीटरिंग के लिए जिला स्तर ओर नोडल अधिकारी नामित किया जाए। जिलाधिकारी स्वयं इन परियोजनाओं का निरीक्षण करें। किसान, व्यापारी, पटरी व्यवसायी और श्रमिक संगठनों से संवाद और समन्वय बनाएं। उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को समझें और उसका यथोचित निराकरण किया जाना सुनिश्चित कराएं। 

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Dec 05 2024, 10:23

महिला आयोग की अध्यक्षा ने किया अस्पताल का औचक निरीक्षण, चिकित्सक मिले अनुपस्थित

लखनऊ/फिरोजाबाद। छदामी लाल जैन मंदिर में आयोजित होंने जा रहे सात दिवसीय बाहुबली भगवान के मस्तकाभिषेक समारोह की मंदिर परिसर में ध्वजारोहण के साथ बुधवार को आधार रखी गई। कार्यक्रम का ध्वजारोहण उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान द्वारा किया गया। ध्वजारोहण के आयोजन को वसुनन्दी महाराज के सानिध्य में अनेक संतों द्वारा पूजा अर्चना तथा विधिविधान से संपन्न कराया गया।

 जिसमें ट्रस्ट के अध्यक्ष महावीर जैन मुन्ना उनकी धर्म पत्नी अलका जैन एवं परिजनों के साथ अनेक जैन बंधु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उन्होंने जैन मंदिर के इस वृहद आयोजन का हिस्सा बनाने के लिये ट्रस्ट के पदाधिकारियों की सराहना के साथ आभार भी व्यक्त किया। तत्पश्चात महाराज श्री ने श्रीमती चौहान द्वारा महिलाओं के अधिकारों के लिये किये जा रहे प्रयासों की सरहाना की और उन्हें उन्हें आशीर्वाद दिया गया।

इसके साथ ही उन्होंने सौ सैय्या बेड पर आधारित मातृृ एवं शिशु चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रत्येक वार्ड का भ्रमण कर उनकी स्थितियों को जाना, उन्होंने आयुष्मान केन्द्र पर जाकर अधिक से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कई चिकित्सक अनुपस्थित पाए जाने पर उन्होने नाराजगी व्यक्त की, साथ ही उन्होंने मुख्य चिकित्साधीक्षक से कहा कि अगर चिकित्सकों की उपलब्धता समय पर नहीं रहेगी तो मरीजों का इलाज ससमय कैसे हो सकेगा। आयोग की अध्यक्षा ने कहा कि वे शासन की मंशानुरुप महिलाओं के उत्पीडऩ एवं उनके अधिकारों के लिये त्वरित न्याय दिलवाने के लिये लगातार कार्यरत है। निरीक्षण के दौरान सीएमएस नवीन जैन मौजूद रहे। 

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Dec 05 2024, 10:23

मेडिकल टूरिज्म का नया हब बनने की ओर एम्स पूर्वांचल

गोरखपुर। एम्स पूर्वांचल अब मेडिकल टूरिज्म का केंद्र बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। अन्य बड़े शहरों के मुकाबले, यहां इलाज की लागत कम होगी, जिससे विदेशों से आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। विशेष रूप से, शार्क देशों और गल्फ कंट्रीज से आने वाले मरीजों को प्राथमिकता दी जाएगी, हालांकि इन मरीजों के इलाज का खर्च सामान्य मरीजों से कुछ ज्यादा होगा। एम्स इस उद्देश्य के लिए जल्द ही मेडिकल टूरिज्म पॉलिसी तैयार करेगा।

भारत में इलाज की लागत विदेशों की तुलना में काफी कम होती है। बड़े ऑपरेशनों से लेकर सामान्य जांच तक, विदेशों में मरीजों को भारी खर्च करना पड़ता है। कनाडा में दांत और आंखों के इलाज की ऊंची कीमतें, वहीं अफगानिस्तान और अन्य गल्फ देशों में कैंसर और महिला संबंधित बीमारियों का इलाज महंगा है। इसके अलावा, कॉस्मेटिक प्रोसीजर में भारत अफ्रीका की तुलना में कम से कम 50 प्रतिशत सस्ता है।
एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. अजय सिंह ने बताया कि गोरखपुर में एम्स को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए मेडिकल टूरिज्म एक बेहतरीन विकल्प है। इसके तहत, विदेश से आने वाले मरीजों के लिए बेड रिजर्व किए जाएंगे और इलाज वरीयता के आधार पर किया जाएगा।

दिल्ली और मुंबई से गोरखपुर की सीधी फ्लाइट कनेक्टिविटी भी इस योजना के लिए लाभकारी साबित होगी। विदेश से आने वाले मरीज सीधे इन शहरों से गोरखपुर पहुंच सकते हैं, जिससे उन्हें यात्रा में परेशानी नहीं होगी।एम्स ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे देशभर के प्रमुख संस्थानों में इलाज पर होने वाले खर्च का अध्ययन करें, ताकि यहां इलाज के रेट तय किए जा सकें। इसके अलावा, मेडिकल टूरिज्म पॉलिसी के तहत, एम्स को और अधिक मरीज आकर्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। 

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Dec 05 2024, 10:23

संभल हिंसा की सीबीआई से जांच कराने की मांग इलाहाबाद हाई कोर्ट ने की खारिज 

प्रयागराज । संभल जिले की चंदौसी जामा मस्जिद के सर्वे के दौरानं भड़की हिंसा, आगजनी व फायरिंग में पांच लोगों की मौत के मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बुधवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र तथा न्यायमूर्ति गौतम चौधरी की खंडपीठ ने यहा आदेश दिया।

अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कोर्ट को सरकार द्वारा हाई कोर्ट जज की न्यायिक आयोग गठित करने की जानकारी दी। इसके बाद याची अधिवक्ता ने पुलिस के लिए गाइडलाइन बनाने की मांग पर बल दिया। इस पर कोर्ट ने कहा कि आयोग की जांच हो रही है। याची चाहे तो उचित फोरम पर बात रख सकता है। इस पर याची अधिवक्ता ने याचिका वापस लेने की प्रार्थना की जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए याचिका खारिज कर दी। याचिका पर सीबीआई के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं डिप्टी सालिसिटर जनरल ने भी पक्ष रखा।

याचिका में हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर आयुक्त मुरादाबाद, डीएम, एसपी संभल, एसडीएम चंदौसी, सीओ संभल एवं एडवोकेट कमिश्नर टीम के सदस्यों की फसाद में भूमिका की जांच कर रिपोर्ट पेश करने का समादेश जारी करने की मांग की गई थी। साथ ही स्वतंत्र जांच एजेंसी से संभल घटना में राज्य सरकार व प्रशासन की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की गई थी। यह याचिका वाराणसी के सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार आनंद प्रकाश तिवारी ने दाखिल की थी।

याचिका में कहा गया था कि 19 नवंबर 2024 को सिविल जज सीनियर डिवीजन संभल की अदालत में आठ लोगों ने सिविल वाद दायर की और कहा कि जामा मस्जिद मंदिर तोड़कर बनाई गई है। इसका सर्वे कराया जाय। इसी दिन अदालत ने एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त कर सर्वे का आदेश जारी कर दिया और सुनवाई की तिथि 29 नवंबर नियत कर सर्वे रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। प्रशासन ने इसकी जानकारी मस्जिद कमेटी को दी। मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी व पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में 19 नवंबर को रात नौ बजे तक सर्वे पूरा कर लिया गया। सारी कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

23 नवंबर की देर शाम एसएचओ ने मस्जिद कमेटी के चेयरमैन को 24 नवंबर को दोबारा सर्वे करते समय मौजूद रहने की सूचना दी। इस पर कमेटी के अधिवक्ता ने आपत्ति की कि दूसरा सर्वे कराने का कोर्ट का आदेश नहीं है। इसलिए सर्व न किया जाय और विरोध किया। इसके बाद 24 नवंबर को सुबह 7 बजे एसडीएम चंदौसी व सीओ संभल ने मस्जिद कमेटी अध्यक्ष को घर आकर सर्वे की मौखिक सूचना दी और डीएम, एसपी, एसडीएम चंदौसी व भारी पुलिस बल के साथ एडवोकेट कमिश्नर टीम पचास लोगों के साथ आई। लोग धार्मिक नारे लगा रहे थे। दूसरे धर्म के लोगों को उकसा रहे थे। इसी बीच दूसरे संप्रदाय की भीड़ इकट्ठा हो गई। पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। दूसरी तरफ से पथराव शुरू हो गया। पुलिस पर फायरिंग करने का भी आरोप है और कहा गया है कि घटना में पांच लोगों की मौत हो गई। याचिका में घटना के लिए प्रशासनिक षड्यंत्र की आशंका व्यक्त की गई है।- 

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Dec 05 2024, 10:22

पश्चिमी विक्षोभ का करें इंतजार, जल्द दिखेगा सर्दी का कहर

कानपुर। दिसंबर माह की शुरुआत हो गई है। तापमान सामान्य से अधिक चल रहे हैं। इसके चलते अभी भी नवंबर माह की तरह गुलाबी सर्दी ही पड़ रही है। मौसम विभाग का कहना है कि पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। बर्फबारी भी होगी, जिससे जल्द ही सर्दी का कहर कानपुर सहित उत्तर प्रदेश में देखने को मिलेगा।



चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस एन सुनील पाण्डेय ने बुधवार को बताया कि अभी तक फैजल तूफान का असर देखा गया। इसके चलते बंगाल की खाड़ी से आ रही पूर्वी हवाएं सर्दी को कमजोर कर रही थीं। इसके अलावा इस बार पश्चिमी विक्षोभ भी पहाड़ों पर देर से सक्रिय हो रहे हैं और बर्फबारी भी समय से नहीं हुई। इससे दिसंबर माह में नवंबर माह की भांति गुलाबी सर्दी ही लोगों को एहसास हो रही है और तापमान सामान्य से अधिक चल रहे हैं। आगामी तीन से चार दिनों में पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने जा रहे हैं और बर्फबारी का भी सिलसिला शुरू हो जाएगा। इससे पछुआ हवाएं कानपुर सहित उत्तर प्रदेश में सर्दी को बढ़ाएंगी। दिन और रात का तापमान सामान्य से कम होगा और मौसम में बदलाव होगा।

उन्होंने बताया कि कानपुर में अधिकतम तापमान 29.4 और न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 83 और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता 29 प्रतिशत रही। हवाओं की दिशाएं उत्तर पश्चिम रहीं जिनकी औसत गति 0.9 किमी प्रति घंटा रही। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कानपुर में आगामी पांच दिनों में सुबह के समय आसमान में हल्के से मध्यम कोहरा (हल्की धुन्ध) दिखाई देने के आसार हैं किन्तु बारिश की कोई संभावना नहीं है। 

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Dec 05 2024, 10:22

लोहिया संस्थान में पहली बार की गई कृत्रिम मूत्राशय स्फिंक्टर प्रत्यारोपण सर्जरी

लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लखनऊ, उत्तर प्रदेश में पहली बार किसी सरकारी अस्पताल में कृत्रिम मूत्राशय स्फिंक्टर प्रत्यारोपण सर्जरी सफलतापूर्वक की गई है। बलिया जिले के रसड़ा निवासी, 69 वर्षीय श्याम नारायण पूर्ण मूत्राशय असंयम से पीड़ित थे। उन्होंने लोहिया संस्थान में दिखाया। इसके बाद लोहिया इंस्टीट्यूट के यूरोलॉजी और रीनल ट्रांसप्लांट विभाग की एक विशेषज्ञ टीम ने रैडिकल प्रोस्टेटेक्टॉमी सर्जरी की।

इस सर्जरी में डॉ. राम मनोहर सर्जरी टीम में डॉ. ईश्वर राम धायल, डॉ. गौतम बंगा (दिल्ली के सुप्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट), डॉ. आलोक श्रीवास्तव, डॉ. शिवानी, डॉ. नंदन और डॉ. प्रवीण शामिल थे। साथ ही, एनेस्थीसिया टीम में डॉ. पी के दास और डॉ. स्मारिका ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रमुख शल्य चिकित्सक डॉ. ईश्वर राम धायल ने कहा, कृत्रिम मूत्राशय स्फिंक्टर प्रत्यारोपण एक जटिल शल्य चिकित्सा है, जो मूत्र असंयम से पीड़ित मरीजों के लिए एक प्रभावी उपचार प्रदान करता है। “यह सफलता उत्तर प्रदेश में यूरोल्जी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कृत्रिम मूत्राशय स्फिंक्टर डिवाइस एक अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक है, जो प्राकृतिक स्फिंक्टर की भूमिका निभाती है और मरीजों को मूत्राशय नियंत्रण पुनः प्राप्त करने में मदद करती है। यह सर्जरी उन मरीजों के लिए अनुशंसित की जाती है, जो अन्य उपचारों से लाभ नहीं प्राप्त कर पाए हैं। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर डॉ. सी एम सिंह ने बताया कि यह उपलब्धि डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के समर्पण को दर्शाती है, जो नवीनतम चिकित्सा नवाचारों के जरिए रोगियों के उपचार को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। 

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Dec 05 2024, 10:18

सीएम योगी के नेतृत्व में डिजिटल यूपी का सपना हो रहा साकार, भारतनेट परियोजना ने यूपी में पकड़ी रफ्तार

लखनऊ। योगी सरकार ने प्रदेश में डिजिटल इंडिया के विजन को साकार करने के लिए भारतनेट परियोजना को अपनी प्राथमिकता में शामिल किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से योगी सरकार ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों को हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी से जोड़कर उन्हें डिजिटल रूप से सक्षम बना रही है। भारत नेट परियोजना के माध्यम से प्रदेश में 46,729 ग्राम पंचायतें इंटरनेट से जुड़ चुकी हैं।

इंटरनेट से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा

उल्लेखनीय है कि भारत नेट प्रोजेक्ट के तहत ग्राम पंचायतों को चरणबद्ध तरीके से इंटरनेट से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। इस योजना के तहत देश के सभी 2.64 लाख ग्राम पंचायतों को इंटरनेट से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस साल अक्टूबर के अंत तक भारत नेट के पहले और दूसरे चरण के तहत लगभग 2.14 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों को इंटरनेट से जोड़ा जा चुका है। 

12668 ग्राम पंचायत भारत नेट परियोजना से आच्छादित हो चुकी

इस परियोजना में जहां बड़ी उपलब्धियां हासिल हुई हैं, वहीं कुछ चुनौतियों का समाधान भी किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में अक्टूबर 2024 तक कुल 46729 ग्राम पंचायतों को भारत नेट परियोजना के अंतर्गत ऑप्टिकल फाइबर केबल/सैटेलाइट लिंक से जोड़ा जा चुका है। वहीं महाराष्ट्र में 24575, मध्य प्रदेश में 17850, गुजरात के 14316, आंध्र प्रदेश के 12955 और पंजाब के 12668 ग्राम पंचायत भारत नेट परियोजना से आच्छादित हो चुकी हैं।

लंबित बिजली कनेक्शनों को जल्द जोड़ने का निर्देश

4G सैचुरेशन परियोजना की सफलता के लिए बिजली कनेक्शन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पूर्वी यूपी और पश्चिमी यूपी में कुल 132 स्थलों में से 90 स्थलों पर भूमि अधिग्रहण हुआ। इसमें से 39 जगहों पर बिजली कनेक्शन प्रदान कर दिए गए हैं। पश्चिमी यूपी के क्षेत्र में 42 स्थलों में से 21 पर कनेक्शन दिए गए हैं। यूपी के 22 स्थलों को "टेक्निकली नॉट फीज़िबल" (TNF) के रूप में चिन्हित किया गया है, जिनमें से 20 घने जंगल क्षेत्रों में स्थित हैं। योगी सरकार ने ऊर्जा विभाग को निर्देश दिया है कि लंबित कनेक्शनों को शीघ्रता से जोड़ा जाए और तकनीकी बाधाओं के लिए वैकल्पिक समाधान निकाले जाएं। दिसंबर 2024 तक 8,568 नए एफटीटीएच (फाइबर टू द होम) कनेक्शन जोड़ने का लक्ष्य है।

योगी सरकार ने समस्याओं के जल्द समाधान के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल यूपी का सपना साकार करने के लिए विभिन्न विभागों को समन्वय बढ़ाने और परियोजना से जुड़े मुद्दों का समाधान करने का निर्देश दिया है। योगी सरकार ने ग्राम विकास अधिकारियों-पंचायत सचिवों को भारतनेट उपकरणों की देखरेख और उपयोगिता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया है। इसके तहत जिलों में ग्राम पंचायत स्तर पर निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारी (संरक्षक) की नियुक्ति होगी। इसके अलावा फाइबर केबल को जहां "हर घर जल योजना," सड़क चौड़ीकरण और अन्य निर्माण कार्यों के कारण क्षति पहुंची है, वहां इन्हें पुनः स्थापित करने का कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है। वन विभाग को लंबित भूमि आवंटन पर तेजी से कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। साथ ही ऊर्जा विभाग को बिजली कनेक्शन प्रदान करने की प्रक्रिया को तेज करने और कठिन स्थलों के लिए समाधान तलाशने का निर्देश दिया गया है।

गांवों के डिजिटल सशक्तिकरण से आत्मनिर्भर बनेगा यूपी

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि भारतनेट परियोजना देश के दूरदराज व ग्रामीण इलाकों में न केवल हाई-स्पीड इंटरनेट प्रदान कर रही है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-गवर्नेंस और आर्थिक विकास को गति देने का महत्वपूर्ण साधन भी बन रही है। इस परियोजना के पूरा होने से गांवों के लोग डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश भारतनेट परियोजना के जरिए डिजिटल क्रांति की ओर अग्रसर है। गांव-गांव तक इंटरनेट पहुंचाने का यह प्रयास राज्य को डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।